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वालिद की वफ़ात पर

By निदा फ़ाज़ली Published on 21 June 2026, 09:32 AM 248 Views
वालिद की वफ़ात पर
Image generated by AI for illustrative purposes

शीर्षक: वालिद की वफ़ात पर (पिता के निधन पर), ​नाम: लक्ष्मीगोविन्द प्रसाद गुप्ता, ​जन्म (उदय): 13 अक्टूबर 1936, ​निधन (अस्त): 19 जनवरी 1996

तुम्हारी क़ब्र पर

मैं फ़ातिहा पढ़ने नहीं आया

मुझे मालूम था

तुम मर नहीं सकते

तुम्हारी मौत की सच्ची ख़बर जिसने

उड़ाई थी

वो झूठा था

वो तुम कब थे

कोई सूखा हुआ पत्ता हवा से हिल के टूटा था

मेरी आँखें

तुम्हारे मंज़रों में क़ैद है अबतक

मैं जो भी देखता हूँ

सोचता हूँ

वो – वही है

जो तुम्हारी नेकनामी और बदनामी की

दुनियाँ थी

कहीं कुछ भी नहीं बदला

तुम्हारे हाथ

मेरी उँगलियों में साँस लेते हैं

मैं लिखने के लिए

जब भी क़लम काग़ज़ उठाता हूँ

तुम्हें बैठा हुआ अपनी ही कुर्सी में पाता हूँ

बदन में मेरे जितना भी लहू है

वो तुम्हारी

लग्ज़िश–ओ–नाकामियों के साथ बहता है

मेरी आवाज़ में छुपकर

तुम्हारा जेहन रहता है

मेरी बीमारियों में तुम

मेरी लाचारियों में तुम

तुम्हारी क़ब्र पर जिसने तुम्हारा नाम लिखा है

वो झूठा है

तुम्हारी क़ब्र में मैं दफ़न हूँ

तुम मुझ में ज़िन्दा हो

कभी फ़ुर्सत मिले तो फ़ातिहा पढ़ने

चले आना

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